Description
वर्तमान में शिक्षा और शिक्षण की धारणा में परिवर्तन हुआ है। नवीन राष्ट्रीय पाठ्यचर्या का भी यही उद्देश्य है कि छात्रों के विद्यालयी जीवन को बाहरी तथा व्यावहारिक जीवन से जोड़ा जाए। इस उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख साधन पाठ्यपुस्तकें होती हैं। इसके साथ ही बाल केंद्रित शिक्षा तथा रटने की प्रवृत्ति को दूर करने जैसे बिंदुओं पर भी बल दिया जा रहा है। ऊपर वर्णित सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर प्रस्तुत पाठ्यपुस्तक ‘ भव्य’ हिंदी पाठ्यपुस्त श्रृंखला तैयार की गई है।
यह श्रृंखला छात्रों के साहित्यिक ज्ञान तथा भाषा-ज्ञान को पुष्ट करेगी, क्योंकि इस श्रृंखला की प्रत्येक पुस्तक में साहित्य की विभिन्न विधाओं से संबंधित उच्चकोटि की रचनाएँ सम्मिलित की गई हैं तथा भाषा की व्याकरणिक कोटियों को अभ्यास में स्थान दिया गया है।
पाठ्य-सामग्री छात्रों की आयु, क्षमता एवं रुचि के अनुरूप है। यह उन्हें सामाजिक, नैतिक एवं राष्ट्रीय जीवन-मूल्यों को सिखाने में सक्षम हो तथा उनकी रचनात्मक, सृजनात्मक, कल्पना एवं चिंतन-मनन जैसी भाषायी योग्यताओं के विकास करने में भी उपयोगी हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है।
यह श्रृंखला अन्य पाठ्यपुस्तकों से विशिष्ट हो, इसके लिए पुस्तक निर्माण में कुछ विशेष बातों को अपनाया गया है, जो इस प्रकार हैं-
* पाठों का क्रम सरल से कठिन रखा गया है।
* छात्रों को ज्ञान तथा मनोरंजन दोनों प्राप्त हो, इसलिए पाठों में विधागत विविधता में संतुलन बनाया गया है।
* छात्रों को उनके ज्ञान तथा क्षमताओं को अभिव्यक्त करने का अवसर दिया गया है।
* प्रत्येक पाठ भाषा के प्रति रुचि उत्पन्न करने के साथ संदेश भी प्रदान करता है।
* पुस्तक की पाठ्य सामग्री बच्चों को देश की संस्कृति, परंपराओं एवं लोक कलाओं से जोड़ती है।
* रचनात्मक तथा खेल संबंधी गतिविधियाँ उन्हें विषय के साथ क्रियाशील बनाने में भी समर्थ हैं।
* शिक्षण का एक महत्त्वपूर्ण अंग है- मूल्यांकन। उत्कृष्ट अभ्यास कार्य के माध्यम से छात्रों के चहुँमुखी मूल्यांकन का पूर्ण अवसर प्रदान किया गया है।
हम उन लेखकों एवं कवियों के आभारी हैं, जिनकी रचनाएँ पुस्तक में ली गई हैं।





Art & Craft-2nd
Art & Craft-5th
Hindi Sulekh-2nd
Hindi-1st
Hindi-Sulekh-LKG
Hindi-2nd
Hindi-4th
Reviews
There are no reviews yet.